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सपा का जातीय समीकरण, अब भी सुलग रहा है यादवी कलह... ठाकुरों की हिकारत, पंडितों को भिक्षापात्र

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सपा का जातीय समीकरण, अब भी सुलग रहा है यादवी कलह... ठाकुरों की हिकारत, पंडितों को भिक्षापात्र

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ठाकुरों की हिकारत--


अखिलेश सरकार में मात्र 4 ठाकुर मंत्री है। यह भी सरकार में अपने को वर्षो से उपेक्षित ही नही महसूस कर रहे है बल्कि कुंठा में जी रहे है। समय-समय पर ये मंत्री तथा इनके समर्थक अपनी उपेक्षा का बखान भी करते है। इस सच्चाई से अवगत होते हुए भी नये विस्तार में किसी ठाकुर मंत्री को न तो शामिल किया गया आैर नही विभाग बंटवारे में उन्हें मुख्यमंत्री सभी ठाकुरों से नाराज है आैर उन्हें अपने प्रति तथा पार्टी के प्रति बफादार नही मानते। इनका कहना है कि अखिलेश ठाकुरों को दगाबाज राजनेता कहते है। एक समय सपा में सबसे ताकतवर नेताओं में गिने जाने वाले रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैय्या वर्षो से केवल लालबत्ती तक ही सीमित होकर रह गये है। खाद्य एवं रसद विभाग छिने जाने के बाद राजा भैय्या वर्षो से न तो कार्यालय गये आैर नही मंत्रिमंडल की बैठक में ही शामिल हुए। यह स्थिति तब है जबकि सपा में केवल राजा भैय्या ही ऐसे है जिनकी प्रदेश के ठाकुरों में अलग पहचान है।