
यूरीड मीडिया- भारत की सांगीतिक परंपरा में तबले का विशेष स्थान है। इस वाद्य यंत्र के बिना शास्त्रीय संगीत की कल्पना अधूरी सी प्रतीत होती है। ऐसे में जब कोई युवा कलाकार अपनी तबला प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोह लेता है, तो यह न केवल उसकी प्रतिभा का प्रमाण होता है, बल्कि शास्त्रीय संगीत के प्रति उसकी निष्ठा और समर्पण को भी दर्शाता है।
लखनऊ में आयोजित 'नादार्पण संगीत महोत्सव' में एक ऐसा ही अविस्मरणीय क्षण देखने को मिला, जब तबला वादक व्योम श्रीवास्तव ने अपनी कला का जादू बिखेरा। व्योम ने जैसे ही अपने तबले पर ताल छेड़ी, वैसे ही माहौल में संगीत का एक अद्भुत समा बंध गया। उनकी प्रस्तुति ने न केवल संगीत प्रेमियों बल्कि संगीत के जानकारों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रस्तुति के दौरान व्योम ने कई जटिल और विविध तालों का प्रदर्शन किया। उनका संतुलन और स्वाभाविक प्रवाह देखकर श्रोता दंग रह गए। नादार्पण संगीत महोत्सव में उपस्थित संगीत प्रेमियों ने व्योम श्रीवास्तव की प्रस्तुति को सराहा।